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सामान्य नवग्रह शांति
₹3,500
2 पंडित · नवग्रह पूजन व समिधा हवन
- 9 ग्रहों का सस्वर वैदिक जाप
- सर्वतोभद्र मंडल व कलश स्थापना
- 9 विशिष्ट समिधा महाहवन
- प्रसाद कूरियर सेवा
Navgrah Shanti Puja & Vedic Havan
सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु एवं केतु—समस्त 9 ग्रहों के अशुभ प्रभावों के शमन, भाग्योदय, स्वास्थ्य, समृद्धि व जीवन में स्थायी संतुलन हेतु उज्जैन में शास्त्रोक्त नवग्रह शांति अनुष्ठान।

उज्जैन पावन धाम में प्रामाणिक अनुष्ठान
प्रत्यक्ष एवं ऑनलाइन लाइव वीडियो संकल्प
स्थान (Location)
उज्जैन पावन देवालय एवं नवग्रह शांति केंद्र
अवधि (Duration)
2 से 3 घंटे (संपूर्ण शांति विधान)
पूजा विधान (Ritual)
9 ग्रह मण्डल पूजन + समिधा महाहवन
ऑनलाइन संकल्प (Online)
प्रत्यक्ष एवं लाइव HD वीडियो प्रसारण
प्रधान आचार्य (Acharya)
100% योग्य वेदपाठी ब्राह्मण

वैदिक ज्योतिष के अनुसार मनुष्य का संपूर्ण जीवन, मन, मस्तिष्क, स्वास्थ्य, धन, विवाह व भाग्य नवग्रहों की रश्मियों व गतियों से संचालित होता है। जब कुण्डली में एक या एकाधिक ग्रह प्रतिकूल या नीच अवस्था में होते हैं, तो जीवन में संघर्ष बढ़ जाता है।
नवग्रह शांति पूजा में सूर्य आदि 9 ग्रहों के सस्वर वैदिक मंत्रों का जाप, सर्वतोभद्र मंडल स्थापना तथा 9 ग्रहों की 9 विशेष समिधाओं (अर्क, पलाश, खैर, अपामार्ग, पीपल, गूलर, शमी, दूर्वा, कुशा) द्वारा हवन किया जाता है। इससे ग्रहों का उग्र प्रभाव शांत होकर जीवन में सुख व भाग्योदय होता है।
"ब्रह्मा मुरारिस्त्रिपुरान्तकारी भानुः शशी भूमिसुतो बुधश्च। गुरुश्च शुक्रः शनिराहुकेतवः कुर्वन्तु सर्वे मम सुप्रभातम॥"
— नवग्रह मङ्गल स्तोत्रम्
नवग्रह शांति अनुष्ठान द्वारा प्राप्त होने वाले स्थायी समाधान:
सूर्य व बुध ग्रह के अनुकूल होने से निर्णय क्षमता व व्यापार में लाभ होता है।
गुरु व शुक्र ग्रह की कृपा से धन आगमन के नए मार्ग खुलते हैं।
मंगल व सूर्य ग्रह की शांति से शरीर में नई प्राणशक्ति का संचार होता है।
गुरु, शुक्र व राहु-केतु के शांत होने से मांगलिक बाधाएं दूर होती हैं।
चंद्र व राहु ग्रह के नियंत्रित होने से मन की घबराहट व अवसाद समाप्त होता है।
समस्त नवग्रह मंडल की पूजा से जीवन के चारों स्तंभ मजबूत होते हैं।
जीवन के इन महत्वपूर्ण पड़ावों पर नवग्रह शांति अत्यंत फलदायी मानी जाती है:
वर-वधू की पत्रिकाओं में नवग्रहों की अनुकूलता स्थापित कर सुखी दांपत्य जीवन की नींव रखने हेतु।
नए कार्य या नए घर में नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर अक्षय लक्ष्मी व समृद्धि के स्थायी वास हेतु।
राहु-केतु महादशा, शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या के समय मिलने वाले कष्टों को शांत करने हेतु।
जब बार-बार प्रयास के बाद भी असफलता मिले या स्वास्थ्य बिगड़ता रहे, तब नवग्रह समिधा होम।
वर्ष भर जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, यश व कार्य सिद्धि हेतु वार्षिक नवग्रह शांति पूजन।
किसी भी ग्रह पर क्लिक / होवर करके उसका प्रभाव व समिधा विधान देखें:
आत्मा व पद-प्रतिष्ठा
आरोग्य, पिता सुख, सरकारी नौकरी, नेतृत्व क्षमता व मान-सम्मान के स्वामी।
उज्जैन धाम में निम्नलिखित 8 पावन सोपानों में पूजन संपन्न कराया जाता है:
यजमान के नाम, गोत्र व 9 ग्रहों की अनुकूलता का वैदिक संकल्प।
प्रथम पूज्य श्री गणेश जी का आवाहन कर निर्विघ्नता का आशीर्वाद।
सप्तधान्य व तीर्थ जल से सर्वतोभद्र मंडल एवं कलश स्थापना।
सूर्य आदि समस्त 9 ग्रहों का सस्वर वैदिक मंत्रों से आवाहन।
वेदपाठी आचार्यों द्वारा 9 ग्रहों के वैदिक व पौराणिक मंत्रों का पाठ।
9 ग्रहों की विशिष्ट 9 समिधा (अर्क, पीपल, शमी आदि) से हवन।
श्रीफल, घृत व रेशमी वस्त्र आहुति के साथ हवन की पूर्णाहुति।
नवग्रह आरती, भस्म तिलक, रक्षा सूत्र व कूरियर द्वारा प्रसाद प्रेषण।
नवग्रह शांति पूजा भक्त के जीवन में संतुलन, सकारात्मकता और दिव्य ऊर्जा का संचार करती है।
नवग्रहों के संतुलित प्रभाव से जीवन में स्थिरता और सामंजस्य बनता है।
तनाव, चिंता और नकारात्मक विचारों से मुक्ति मिलती है और मन शांत होता है।
नवग्रहों की कृपा से उत्तम स्वास्थ्य, ऊर्जा और रोगों से सुरक्षा का आशीर्वाद मिलता है।
आध्यात्मिक जागरूकता, साधना में रुचि और ईश्वर से गहरा जुड़ाव प्राप्त होता है।

आर्थिक स्थिरता, धन वृद्धि और संसाधनों में वृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
रुके हुए कार्य पूरे होते हैं, नए अवसर मिलते हैं और सफलता के मार्ग प्रशस्त होते हैं।
घर और कार्यस्थल में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और वातावरण शुद्ध होता है।
पारिवारिक संबंधों में प्रेम, सौहार्द और सकारात्मक वातावरण का विकास होता है।
यद्यपि उज्जैन धाम में प्रत्येक दिन नवग्रह शांति अनुष्ठान का महात्म्य है, परंतु अमावस्या, पूर्णिमा व विशिष्ट वारों पर की गई पूजा अति अमोघ होती है।
आपकी जन्मपत्रिका में किस ग्रह की महादशा चल रही है, उसके अनुसार आचार्य दीपक व्यास जी द्वारा व्यक्तिगत शुभ मुहूर्त निकाला जाता है।
अमावस्या के दिन नवग्रह शांति कराने से छाया ग्रहों का अशुभ प्रभाव तुरंत शांत होता है।
पूर्णिमा पर नवग्रह शांति से मन में परम शांति, ज्ञान व धन समृद्धि का वास होता है।
गुरुवार को ज्ञान-समृद्धि तथा शनिवार को शनि-राहु ग्रह शांति हेतु सर्वश्रेष्ठ दिन।
यजमान की महादशा व ग्रह स्थिति के अनुसार आचार्य जी द्वारा निकाला गया व्यक्तिगत शुभ मुहूर्त।
सभी 9 ग्रहों की सामग्रियां, 9 समिधाएं, वेदपाठी ब्राह्मण दक्षिणा व महाप्रसाद इसमें सम्मिलित है:
Basic
सामान्य नवग्रह शांति
₹3,500
2 पंडित · नवग्रह पूजन व समिधा हवन
Standard
विशेष नवग्रह शांति व होम
₹6,500
3 पंडित · 18,000 जाप पाठ + महायज्ञ
Premium
महानवग्रह महा अनुष्ठान
₹12,500
5 पंडित · VVIP महायज्ञ + 51,000 जाप

आपकी जन्मपत्रिका में कौन सा ग्रह मारक या बाधक प्रभाव दे रहा है तथा किस समिधा से हवन करने पर तुरंत राहत मिलेगी — इसका विश्लेषण आचार्य दीपक व्यास जी द्वारा नि:शुल्क किया जाता है।

Mahakaleshwar Abhishek Puja
उज्जैन महाकाल मंदिर में पंचामृत अभिषेक, जलाभिषेक एवं महारुद्र पाठ अनुष्ठान।

Mahamrityunjay Jaap & Havan
दीर्घायु, आरोग्य व असाध्य संकटों से रक्षा हेतु सवा लाख मंत्र जाप एवं महाहवन विधान।

Mangal Dosh Bhaat Puja
उज्जैन मंगलनाथ मंदिर में भात पूजा एवं मांगलिक दोष शांति का सिद्ध विधान।
॥ शुभम् अस्तु ॥
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