पंचामृत रुद्राभिषेक
Panchamrit Rudrabhishek
दूध, दही, घृत, मधु व शर्करा के पवित्र मिश्रण से भगवान महाकाल का सतत धारा अभिषेक एवं रुद्राष्टक पाठ।
Mahakaleshwar Abhishek & Bhasma Aarti Sacred Ritual
"अवंतिकायां विहितावतारं..." — उज्जैन के राजाधिराज भगवान महाकाल का वेदपाठी आचार्यों द्वारा शास्त्रोक्त पंचामृत अभिषेक, जलाभिषेक एवं महारुद्र पाठ। यह अनुष्ठान जीवन से अकाल मृत्यु भय, रोग, दरिद्रता व ग्रह दोषों का शमन कर परम आरोग्य व समृद्धि प्रदान करता है।

प्रत्यक्ष एवं ऑनलाइन संकल्प सुविधा
उज्जैन महाकाल धाम में प्रामाणिक वैदिक परंपरा
स्थान (Location)
श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर, उज्जैन
अवधि (Duration)
2 से 3 घंटे (संपूर्ण विधान)
पूजा विधान (Ritual)
वैदिक पंचामृत रुद्राभिषेक
ऑनलाइन संकल्प (Online)
लाइव HD वीडियो प्रसारण उपलब्ध
प्रधान आचार्य (Acharya)
100% वेदपाठी ब्राह्मण

द्वादश ज्योतिर्लिंगों में श्री महाकालेश्वर उज्जैन एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग हैं। तंत्रशास्त्र एवं शिव पुराण के अनुसार दक्षिण दिशा के स्वामी स्वयं यमराज हैं, और महाकाल (समय के अधिपति) दक्षिण की ओर मुख करके विराजमान हैं, जिसका अर्थ है कि महाकाल की शरण में आने वाले भक्त को मृत्यु व काल का भय स्पर्श भी नहीं कर सकता।
महाकालेश्वर रुद्राभिषेक में वेदपाठी ब्राह्मणों द्वारा यजुर्वेद के महारुद्र सूक्तों का पाठ करते हुए गाय के शुद्ध दूध, दही, देशी घी, शहद व शर्करा (पंचामृत) तथा पवित्र क्षिप्रा नदी के जल से शिवलिंग का अनवरत अभिषेक किया जाता है।
"कालस्य बालः महाकालः — जिनकी छाया में काल का भय भी समाप्त हो जाता है, वे भगवान महाकाल ही संपूर्ण सृष्टि के सर्वशक्तिमान रक्षक हैं।"
— शिव रहस्य ग्रंथ
अपनी मनोकामना व ग्रह स्थिति के अनुसार उपयुक्त रुद्राभिषेक विधान का चयन करें:
Panchamrit Rudrabhishek
दूध, दही, घृत, मधु व शर्करा के पवित्र मिश्रण से भगवान महाकाल का सतत धारा अभिषेक एवं रुद्राष्टक पाठ।
Laghu Rudra Anusthan
वेदपाठी आचार्यों द्वारा श्री रुद्रम के 11 आवर्तन पाठ, पंचोपचार पूजन, महामृत्युंजय जाप एवं हवन विधान।
Bhasma Aarti Vishesh Shringhar
महाकाल के पावन भस्म अर्पण, विशेष चंदन शृंगार एवं तांत्रिक-वैदिक रक्षा मंत्रों द्वारा सुरक्षा कवच विधान।
Maha Rudra Maha Anusthan
11 ब्राह्मणों द्वारा श्री रुद्रम के 121 आवर्तन, महारुद्र महायज्ञ, पूर्णाहुति एवं VVIP व्यवस्था।
जब जीवन में अनपेक्षित संकट व असफलताएं घेर लें, तब महाकाल का अनुग्रह ही स्थायी शांति लाता है:
सप्तम भाव में ग्रह दोष व मंगल प्रभाव से विवाह में निरंतर विलंब तथा दांपत्य जीवन में अशांति होना।
भगवान शिव और माता पार्वती का संयुक्त पूजन वैवाहिक योग शीघ्र बनाता है व संबंधों में मधुरता लाता है।
राहु-केतु व शनि की महादशा में गंभीर स्वास्थ्य बाधाएं, दुर्घटना का भय तथा मानसिक अवसाद।
दक्षिणमुखी महाकाल की शरण में रुद्राभिषेक से अकाल मृत्यु योग नष्ट होता है तथा दीर्घायु प्राप्त होती है।
कठिन परिश्रम के बाद भी धन का संचय न होना, ऋण का बोझ तथा व्यापार में बार-बार असफलता।
रुद्राभिषेक से दरिद्रता का नाश होता है तथा कुबेर और महालक्ष्मी की कृपा से व्यापार में वृद्धि होती है।
जन्मपत्रिका में कालसर्प, पितृ दोष अथवा क्रूर ग्रहों के कारण जीवन में निरंतर संघर्ष बने रहना।
महाकाल धाम उज्जैन में शास्त्रोक्त संकल्प से समस्त अशुभ ग्रह शांत होते हैं व चित्त को परम शांति मिलती है।
महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन में आचार्यों द्वारा निम्नलिखित 6 पावन सोपानों में पूजन संपन्न कराया जाता है:
Sankalp & Gotra Chanting
यजमान के नाम, गोत्र व मनोकामना का स्पष्ट उच्चारण कर आचार्यों द्वारा पूजन का पावन संकल्प लिया जाता है।
यदि आप स्वयं उपस्थित नहीं हो सकते, तो लाइव HD वीडियो कॉल के माध्यम से आपके सम्मुख प्रत्यक्ष संकल्प कराया जाता है।
भगवान शिव के पंचामृत अभिषेक एवं महारुद्र सूक्त पाठ से जीवन में आठ अमोघ दिव्य आशीर्वाद प्राप्त होते हैं।
काल के स्वामी महाकाल के अनुग्रह से अकाल मृत्यु का भय मिटता है व जीवन रक्षा होती है।
दीर्घकालिक रोगों व शारीरिक पीड़ा से मुक्ति तथा नव-ऊर्जा का संचार।
अज्ञात चिंता, अवसाद व ग्रह पीड़ा का शमन होकर अचल चित्त एकाग्रता।
शनि की साढ़ेसाती, मारक ग्रह व राहु-केतु के अशुभ प्रभावों का शमन।

कर्ज मुक्ति, व्यापारिक प्रगति व जीवन में स्थायी ऐश्वर्य की प्राप्ति।
रुके हुए कार्य संपन्न होकर कार्यक्षेत्र में विशेष सम्मान व सफलता।
घर व व्यापार स्थल पर दिव्य ऊर्जा का वास तथा नकारात्मक शक्तियों का नाश।
भगवान दक्षिणमुखी महाकाल का अभय आशीर्वाद एवं आत्मिक शांति।
यद्यपि भगवान महाकाल स्वयं काल के स्वामी हैं और प्रत्येक दिन उनकी पूजा फलदायी है, परंतु शास्त्रों में कुछ विशेष तिथियों को अत्यंत अमोघ माना गया है।
आचार्य दीपक व्यास जी आपकी जन्मपत्रिका के अनुसार व्यक्तिगत शुभ चौघड़िया व लग्न मुहूर्त का समय नि:शुल्क बताते हैं।
श्रावण का पूरा महीना भगवान महाकाल के अभिषेक के लिए अत्यंत सिद्ध व अमोघ फलदायी माना गया है।
शिव-शक्ति मिलन का महापर्व, इस दिन रुद्राभिषेक करने से अनंत गुना पुण्य व मनोरथ सिद्धि प्राप्त होती है।
सोमवार को भगवान चंद्रमौली का दिन माना जाता है। इस दिन अभिषेक करने से चंद्रमा जनित दोष शांत होते हैं।
त्रयोदशी तिथि के सायंकाल प्रदोष समय में किया गया रुद्राभिषेक त्वरित फल प्रदान करता है।
सभी पूजा सामग्रियां, वेदपाठी ब्राह्मण दक्षिणा एवं महाप्रसाद इसमें सम्मिलित है:
Basic
सामान्य रुद्राभिषेक
₹5,100
1 पंडित · जलाभिषेक + पंचामृत विधान
Standard
लघु रुद्र अनुष्ठान
₹11,000
2-3 पंडित · संपूर्ण रुद्राभिषेक व हवन
Premium
महारुद्र महा अनुष्ठान
₹21,000
5 पंडित · VVIP सेटअप + महारुद्र पाठ

जन्मपत्रिका के ग्रह दोष, विवाह विलंब अथवा गंभीर संकट के अनुसार किस विधि से रुद्राभिषेक कराना फलदायी होगा — इसका निर्णय अत्यंत महत्वपूर्ण है। आचार्य दीपक व्यास जी आपकी स्थिति के अनुसार सही मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।

Mahamrityunjay Jaap & Havan
दीर्घायु, आरोग्य व असाध्य संकटों से रक्षा हेतु सवा लाख मंत्र जाप एवं महाहवन विधान।

Kaal Sarp Dosh Nivaran
उज्जैन क्षिप्रा तट पर राहु-केतु दोष व जीवन की रुकावटों को समाप्त करने की सिद्ध पूजा।

Rudrabhishek & Navgraha Shanti
समस्त अशुभ ग्रहों के शमन व सुख-समृद्धि हेतु भगवान शिव का विशेष धारा अभिषेक।
॥ शुभम् अस्तु ॥
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