आरोग्य एवं संजीवनी विद्या अनुष्ठान • उज्जैन

श्री महामृत्युंजय जाप अनुष्ठान

Mahamrityunjaya Jaap & Sacred Havan Yajna

"ॐ त्र्यम्बकं यजामहे..." — दीर्घायु, आरोग्य एवं गंभीर संकटों से रक्षा का सिद्ध अमोघ मंत्र अनुष्ठान। महाकाल नगरी उज्जैन में सवा लाख (1,25,000) संजीवनी मंत्र जाप एवं महाहवन वेदपाठी आचार्यों द्वारा पूर्ण पवित्रता के साथ।

1.25 लाखसिद्ध मंत्र जाप
100%शास्त्रोक्त हवन
दैनिकवीडियो अपडेट प्रमाण
Mahamrityunjaya Jaap Ritual in Ujjain

आरोग्य व संजीवनी रक्षा अनुष्ठान

उज्जैन धाम में योग्य वेदपाठी आचार्यों द्वारा

स्थान (Location)

महाकाल धाम (वेद मंदिर), उज्जैन

अवधि (Duration)

3 से 7 दिन (मंत्र अनुष्ठान)

अनुष्ठान (Ritual)

1.25 लाख महामृत्युंजय जाप + हवन

ऑनलाइन अपडेट (Online)

दैनिक HD वीडियो प्रसारण + संकल्प

प्रधान आचार्य (Acharya)

5 से 11 वेदपाठी ब्राह्मण

Vedic Acharya performing Mahamrityunjaya Jaap in Ujjain
ऋषि मार्कंडेय संजीवनी विद्या
वैदिक रहस्य एवं महिमा

महामृत्युंजय मंत्र क्या है और इसका क्या प्रभाव है?

ऋग्वेद व यजुर्वेद में वर्णित महामृत्युंजय मंत्र को मृत्संजीवनी मंत्र कहा जाता है। पौराणिक मान्यतानुसार जब बाल ऋषि मार्कंडेय की आयु पूर्ण हो चुकी थी और यमराज उनके प्राण हरने आए, तब उन्होंने इस महामंत्र के अखंड जाप से भगवान शिव को प्रसन्न किया तथा मृत्यु को भी परास्त कर अमरता प्राप्त की।

उज्जैन महाकाल धाम में 5 से 11 वेदपाठी आचार्यों द्वारा यजमान के नाम व गोत्र से सवा लाख (1,25,000) अथवा 5.25 लाख मंत्रों का अनवरत जाप किया जाता है, जिसके प्रभाव से शरीर की सुप्त प्राणशक्ति पुनर्जागृत होती है।

"त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् — जिस प्रकार पकी हुई ककड़ी बेल के बंधन से स्वतः मुक्त हो जाती है, उसी प्रकार महाकाल भक्त को मृत्यु व रोगों के भय से मुक्त करते हैं।"

— यजुर्वेद रुद्रसंहिता

#संजीवनी मंत्र#सवा लाख जाप#ऋषि मार्कंडेय परंपरा#आरोग्य रक्षा#अकाल मृत्यु निवारण
अनुष्ठान की आवश्यकता

महामृत्युंजय जाप कब कराना चाहिए?

यदि आप या आपके परिवार के सदस्य निम्नलिखित परिस्थितियों से गुजर रहे हैं, तो यह जाप अमोघ रक्षा प्रदान करता है:

#01
स्वास्थ्य रक्षा

गंभीर स्वास्थ्य बाधाएं व असाध्य रोग

Chronic Diseases & Health Crisis

जब औषधियों का प्रभाव न हो रहा हो, शरीर में अशक्तता हो तथा निरंतर अस्वस्थता बनी रहे।

#02
शल्य सुरक्षा

शल्य चिकित्सा (Major Surgery) सुरक्षा

Upcoming Surgical Operation

किसी बड़े ऑपरेशन से पूर्व शारीरिक शक्ति, निर्भयता व सफल शल्य क्रिया हेतु शिव कवच।

#03
भयमुक्ति

अकाल मृत्यु भय व निरंतर दुर्घटनाएं

Fear of Accidental Fatalities

सड़क दुर्घटना के योग, अकाल मृत्यु की शंका अथवा मन में अज्ञात भय व्याप्त होना।

#04
ग्रह शांति

शनि, राहु-केतु मारक महादशा

Malefic Planetary Dasha Relief

जन्मपत्रिका में बाधक ग्रह, शनि साढ़ेसाती, मारक स्थानपति अथवा राहु-केतु की अशुभ दशा।

#05
दीर्घायु संकल्प

दीर्घायु व नवजीवन प्रार्थना

Prayer for Longevity & Vitality

वृद्धजनों की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य, मानसिक तेज तथा प्राणशक्ति के नवीनीकरण हेतु।

#06
कुल रक्षा

परिवार व कुल रक्षा कवच

Family Lineage Spiritual Shield

समस्त परिवार को नकारात्मक ऊर्जाओं, प्रेत बाधा व मानसिक अवसाद से सुरक्षित रखने हेतु।

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मूल यजुर्वेद महामृत्युंजय मंत्र

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् ।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॥

मंत्र के प्रत्येक शब्द का अर्थ

त्र्यम्बकम्

त्रिदेव स्वरूप, तीन नेत्रों वाले भगवान शिव

यजामहे

हम श्रद्धापूर्वक ध्यान व पूजन करते हैं

सुगन्धिम्

दिव्य चेतना व सुगंध से परिपूर्ण

पुष्टिवर्धनम्

समस्त प्राणशक्ति व आरोग्य को बढ़ाने वाले

उर्वारुकमिव

पकी हुई ककड़ी/खरबूजे की भांति (सहजता से)

बन्धनात्

संसार के दुख, रोग व मृत्यु के बंधन से

मृत्योः मुक्षीय

हमें अकाल मृत्यु व भय से मुक्त करें

मा अमृतात्

किंतु अमरता व मोक्ष के पथ से विमुख न करें

सरल भावार्थ:

"हम त्रि-नेत्रधारी, सुंगधि से परिपूर्ण एवं जीवन में पोषण प्रदान करने वाले भगवान शिव का ध्यान करते हैं। जिस प्रकार बेल से पका हुआ फल बिना किसी कष्ट के सहज ही मुक्त हो जाता है, उसी प्रकार हे महाकाल! आप हमें संसार के रोग, अकाल मृत्यु व संकटों से मुक्त करें और हमें परम आनंद व मोक्ष प्रदान करें।"

शास्त्रोक्त यात्रा

महामृत्युंजय अनुष्ठान की संपूर्ण चक्र प्रक्रिया

उज्जैन वेद मंदिर में 6 दिव्य सोपानों में महामृत्युंजय मंत्र अनुष्ठान संपन्न किया जाता है:

01
Holy Sankalp

पावन संकल्प

यजमान के नाम, गोत्र व स्वास्थ्य रक्षा हेतु आचार्यों द्वारा विधिपूर्वक संकल्प।

02
Ganesh & Kalash Pujan

गणेश व कलश पूजन

निर्विघ्न अनुष्ठान हेतु प्रथम पूज्य गणेश जी व वरुण देव का आवाहन।

03
Continuous Abhishek

सतत रुद्राभिषेक

शिवलिंग पर दूध, जल व औषधियों की अनवरत धारा से अभिषेक।

04
Sanjeevani Jaap

1.25 लाख जाप पाठ

5-11 वेदपाठी आचार्यों द्वारा रुद्राक्ष माला पर सस्वर मंत्र जाप।

05
Sacred Havan

महारुद्र महाहवन

मंत्रों की 10% (12,500) आहुतियां विशेष जड़ी-बूटियों व घी से अर्पण।

06
Aarti & Bhasma Prasad

महाआरती व प्रसाद

पूर्णाहुति, महाकाल भस्म तिलक व रक्षा सूत्र यजमान के पते पर कूरियर।

महामृत्युंजय जाप से मिलने वाले

दिव्य आशीर्वाद

सवा लाख महामृत्युंजय मंत्र पाठ से उत्पन्न अलौकिक स्पंदन यजमान के जीवन में आठ अमोघ दिव्य आशीर्वाद प्रदान करते हैं।

अकाल मृत्यु व दुर्घटना रक्षा

अकाल मृत्यु के भय, शल्य चिकित्सा व दुर्घटनाओं से महाकाल का अभेद्य रक्षा कवच।

असाध्य रोग व स्वास्थ्य लाभ

गंभीर शारीरिक पीड़ा का शमन होकर शरीर में नई प्राणशक्ति का संचार।

मानसिक शांति व भयमुक्ति

अज्ञात भय, अवसाद व चित्त की अशांति समाप्त होकर अचल आत्मबल।

मारकेश व ग्रह पीड़ा शांति

शनि, राहु-केतु व मारक ग्रह महादशा के दुष्परिणामों का स्वतः शमन।

Mahamrityunjaya Jaap Ceremony

दीर्घायु व नवजीवन

वृद्धजनों एवं यजमान हेतु उत्तम स्वास्थ्य, तेज व दीर्घायु का वरदान।

पारिवारिक सौहार्द

परिवार में क्लेश व तनाव समाप्त होकर प्रेम व सकारात्मक वातावरण।

सकारात्मक ऊर्जा का वास

घर में नकारात्मक शक्तियों का नाश व दिव्य शिव ऊर्जा का प्रवाह।

शिव अनुग्रह व मोक्ष

भगवान शिव की अहैतुकी अनुकम्पा एवं आध्यात्मिक उन्नति की प्राप्ति।

शुभ तिथियां व काल

महामृत्युंजय जाप के लिए सिद्ध मुहूर्त

यद्यपि संकट के समय किसी भी दिन महामृत्युंजय जाप प्रारंभ किया जा सकता है, परंतु निम्नलिखित पावन तिथियों पर अनुष्ठान का प्रभाव अनंत गुना बढ़ जाता है।

व्यक्तिगत मुहूर्त परामर्श

यजमान की जन्मपत्रिका, नक्षत्र व तत्कालीन ग्रहदशा के अनुसार सर्वोत्तम सिद्ध मुहूर्त का चयन आचार्य दीपक व्यास जी द्वारा नि:शुल्क किया जाता है।

शिव प्रिय दिन

प्रत्येक सोमवार (Somwar)

सोमवार को महामृत्युंजय जाप का प्रारंभ करने से चंद्र व शिव कृपा शीघ्र मिलती है।

सर्वोत्तम सिद्ध काल

श्रावण मास (Shravan)

श्रावण के पवित्र मास में किया गया जाप अनंत गुना पुण्य व आरोग्य फल देता है।

परम सिद्ध रात्रि

महाशिवरात्रि (Mahashivratri)

महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर महामृत्युंजय अनुष्ठान अमोग रक्षा कवच बनता है।

संध्याकाल सिद्ध मुहूर्त

प्रदोष व्रत (Pradosh Tithi)

प्रत्येक पक्ष की त्रयोदशी (प्रदोष) तिथि में शिव पूजन विशेष फलदायी है।

मासिक शुभ तिथि

मासिक शिवरात्रि (Monthly Shivratri)

कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को साधना व जाप से समस्त ग्रह बाधाएं शांत होती हैं।

दक्षिणा व पैकेज

महामृत्युंजय जाप अनुष्ठान पैकेज

सभी वेदपाठी ब्राह्मण दक्षिणा, पूजन सामग्री, महाहवन व महाप्रसाद कूरियर इसमें सम्मिलित है:

Basic

1.25 लाख मंत्र जाप

₹55,000

3-5 पंडित · सवा लाख मंत्र अनुष्ठान + हवन

  • 1,25,000 महामृत्युंजय मंत्र जाप सस्वर
  • दैनिक धारा रुद्राभिषेक विधान
  • 12,500 आहुतियों का महाहवन
  • उज्जैन भस्म, रक्षा सूत्र व सूखा प्रसाद कूरियर
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सर्वाधिक लोकप्रिय

Standard

5.25 लाख मंत्र जाप

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5-7 पंडित · 5.25 लाख महा अनुष्ठान

  • 5,25,000 संजीवनी मंत्र जाप
  • पंच पंडित विशेष पूजा व कलश स्थापना
  • दैनिक रुद्राभिषेक + पूर्णाहुति महाहवन
  • दैनिक HD वीडियो प्रसारण प्रमाण + विशेष प्रसाद
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Premium

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  • महायज्ञ + 1,10,000 पूर्णाहुति आहुतियां
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क्या आप संशय में हैं कि आपके लिए 1.25 लाख या 5.25 लाख जाप कौन सा उपयुक्त है?

गंभीर बीमारी, ऑपरेशन सुरक्षा अथवा मारक ग्रह दशा के अनुसार कितनी जाप संख्या व पंडितों का चयन करना चाहिए — इसका उचित निर्णय जन्मपत्रिका देखकर आचार्य दीपक व्यास जी द्वारा किया जाता है।

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समस्त अशुभ ग्रहों के शमन व सुख-समृद्धि हेतु भगवान शिव का विशेष धारा अभिषेक।

शुभम् अस्तु

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