काल सर्प दोष शांति • उज्जैन क्षिप्रा तट (म.प्र.)

श्री काल सर्प दोष शांति पूजा

Kaal Sarp Dosh Nivaran & Nag Pujan Ritual

"राहु-केतु मध्यगताः सर्वे ग्रहाः..." — उज्जैन के पावन क्षिप्रा तट (रामघाट) पर राहु और केतु जनित कालसर्प योग की शास्त्रोक्त शांति। वेदपाठी ब्राह्मणों द्वारा संकल्प, नाग-नागिन पूजन, नवग्रह शांति एवं महाहवन विधान से जीवन की रुकावटों का शमन।

5,000+सफल शांति पूजा
100%शास्त्रोक्त विधान
लाइव HDवीडियो प्रसारण सुविधा
Kaal Sarp Dosh Nivaran Puja in Ujjain Kshipra Ramghat

प्रत्यक्ष एवं ऑनलाइन संकल्प सुविधा

उज्जैन क्षिप्रा तट पर सिद्ध नाग-नागिन पूजन

स्थान (Location)

रामघाट एवं सिद्धवट धाम, उज्जैन

अवधि (Duration)

3 से 4 घंटे (संपूर्ण विधान)

पूजा विधान (Ritual)

कालसर्प शांति + नाग-नागिन पूजन

ऑनलाइन संकल्प (Online)

लाइव HD वीडियो प्रसारण उपलब्ध

प्रधान आचार्य (Acharya)

100% योग्य वेदपाठी ब्राह्मण

Vedic Astrologer examining Kundli chart
ज्योतिषीय सिद्धांत एवं रहस्य
जन्मपत्रिका विश्लेषण

काल सर्प दोष क्या है और यह जीवन को कैसे प्रभावित करता है?

वैदिक ज्योतिष के अनुसार, जब जन्मपत्रिका में राहु (सर्प का मुख) और केतु (सर्प की पूंछ) के मध्य सभी सात प्रमुख ग्रह (सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र व शनि) एक ओर आ जाते हैं, तब काल सर्प योग/दोष का निर्माण होता है।

इस स्थिति में अन्य शुभ ग्रहों के सुप्रभाव दब जाते हैं, जिससे यजमान को योग्यता होने के बाद भी करियर, विवाह, स्वास्थ्य व धन संचय में अनपेक्षित असफलता व विलंब का सामना करना पड़ता है। उज्जैन (अवन्तिका) की पावन भूमि पर क्षिप्रा तट पर की गई पूजा से यह दोष पूर्णतः शांत हो जाता है।

"जब राहु और केतु के मध्य समस्त ग्रह आ जाते हैं, तो जीवन में प्रगति अवरुद्ध हो जाती है — किंतु उज्जैन धाम में सिद्ध पूजा से दोष पूर्णतः शांत होता है।"

— ज्योतिषाचार्य ग्रन्थ

#राहु-केतु प्रभाव#12 सर्प योग#उज्जैन क्षिप्रा तट#नाग बलि विधान#ग्रह दोष निवारण
समस्या से समाधान तक की यात्रा

क्या आप इन समस्याओं से जूझ रहे हैं?

काल सर्प दोष शांति पूजा के माध्यम से जीवन के मुख्य संकटों का निवारण:

समस्या 01

निरंतर असफलताएं व कार्य में रुकावट

कार्य सिद्धि व निरंतर प्रगति

कठिन परिश्रम के बाद भी अंतिम क्षण में काम बिगड़ना बंद होता है व सफलता मिलती है।

समस्या 02

करियर में विलंब व पदोन्नति न मिलना

व्यापारिक सफलता व पद-प्रतिष्ठा

नौकरी व व्यवसाय में आ रही बाधाएं दूर होकर आर्थिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।

समस्या 03

विवाह में विलंब व वैवाहिक मतभेद

सुखी दांपत्य व शीघ्र विवाह योग

समस्या 04

अकारण धन हानि व ऋण का बोझ

अक्षय धन-धान्य व ऋण मुक्ति

पैसों का संचय न होना व अकारण खर्च रुककर स्थायी लक्ष्मी का वास होता है।

समस्या 05

अज्ञात चिंता, भय व दुःस्वप्न

आत्मबल, मानसिक शांति व निर्भयता

चित्त की अस्थिरता समाप्त होकर मन में अगाध शांति व सकारात्मक ऊर्जा आती है।

समस्या 06

अधूरे प्रयास व भाग्य साथ न देना

भाग्य का संपूर्ण उदय व सुरक्षा

जीवन में आ रहे अनपेक्षित उतार-चढ़ाव शांत होकर भाग्य का पूरा सहयोग मिलता है।

जन्मपत्रिका भेद

12 प्रकार के काल सर्प दोष एवं उनके प्रभाव

राहु और केतु की विभिन्न भावों (घरों) में उपस्थिति के अनुसार 12 प्रकार के योग बनते हैं:

01

अनंत कालसर्प दोष

Anant Kaal Sarp Dosh

प्रथम भाव (राहु) — सप्तम भाव (केतु)

मानसिक तनाव, स्वास्थ्य विकार व वैवाहिक जीवन में मतभेद की स्थिति।

02

कुलिक कालसर्प दोष

Kulika Kaal Sarp Dosh

द्वितीय भाव (राहु) — अष्टम भाव (केतु)

आर्थिक हानि, वाणी में कटुता व पारिवारिक संचित धन का व्यय।

03

वासुकी कालसर्प दोष

Vasuki Kaal Sarp Dosh

तृतीय भाव (राहु) — नवम भाव (केतु)

भाग्य में बाधाएं, भाइयों से मतभेद व पराक्रम का फल न मिलना।

04

शंखपाल कालसर्प दोष

Shankhpal Kaal Sarp Dosh

चतुर्थ भाव (राहु) — दशम भाव (केतु)

माता का अस्वस्थ रहना, भूमि-भवन बाधा व मानसिक अशांति।

05

पद्म कालसर्प दोष

Padma Kaal Sarp Dosh

पंचम भाव (राहु) — एकादश भाव (केतु)

शिक्षा में रुकावट, संतान प्राप्ति में विलंब व एकाग्रता की कमी।

06

महापद्म कालसर्प दोष

Mahapadma Kaal Sarp Dosh

षष्ठ भाव (राहु) — द्वादश भाव (केतु)

शत्रुओं द्वारा बाधाएं, गुप्त चिंताएं व स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव।

07

तक्षक कालसर्प दोष

Takshak Kaal Sarp Dosh

सप्तम भाव (राहु) — प्रथम भाव (केतु)

व्यापारिक साझेदारी में हानि, वैवाहिक क्लेश व साझेदारी में धोखा।

08

कर्कोटक कालसर्प दोष

Karkotak Kaal Sarp Dosh

अष्टम भाव (राहु) — द्वितीय भाव (केतु)

अकारण दुर्घटना भय, पैतृक संपत्ति में अड़चन व शारीरिक कष्ट।

09

शंखचूड़ कालसर्प दोष

Shankhchood Kaal Sarp Dosh

नवम भाव (राहु) — तृतीय भाव (केतु)

पितृ बाधा, धार्मिक कार्यों में रुकावट व उच्च अधिकारियों से तनाव।

10

घातक कालसर्प दोष

Ghatak Kaal Sarp Dosh

दशम भाव (राहु) — चतुर्थ भाव (केतु)

नौकरी व करियर में अस्थिरता, अकारण अपमान व व्यवसाय हानि।

11

विषधर कालसर्प दोष

Vishdhar Kaal Sarp Dosh

एकादश भाव (राहु) — पंचम भाव (केतु)

लाभ स्थान में बाधा, नेत्र विकार व स्मरण शक्ति में कमी।

12

शेषनाग कालसर्प दोष

Sheshnaag Kaal Sarp Dosh

द्वादश भाव (राहु) — षष्ठ भाव (केतु)

अत्यधिक व्यय, कोर्ट-कचहरी के विवाद व अनिद्रा की समस्या।

जीवन के 6 मुख्य क्षेत्र

पूजा के पश्चात जीवन में मिलने वाली सकारात्मकता

कालसर्प दोष शांति पूजा का उद्देश्य भय पैदा करना नहीं, अपितु अवरुद्ध ग्रह ऊर्जाओं को मुक्त करके यजमान के जीवन में पुनः संतुलन, आत्मविश्वास व प्रगति लाना है।

संतुलित एवं सकारात्मक दृष्टिकोण

उज्जैन धाम में शास्त्रोक्त विधि से की गई पूजा राहु-केतु के नकारात्मक प्रभाव को शुभ ऊर्जा में परिवर्तित कर देती है।

करियर व व्यापार

Career & Profession

नौकरी में स्थिरता व व्यापार में निरंतर उन्नति।

वैवाहिक व पारिवारिक जीवन

Marriage & Relationships

संबंधों में मिठास व शीघ्र विवाह योग का निर्माण।

आर्थिक स्थिति व बचत

Finances & Abundance

अकारण धन हानि पर रोक व स्थायी लक्ष्मी का वास।

स्वास्थ्य व मानसिक शांति

Health & Peace

अज्ञात भय, तनाव व दुःस्वप्न से पूर्ण मुक्ति।

शिक्षा व बुद्धि क्षमता

Education & Intellect

पढ़ाई में एकाग्रता व निर्णय लेने की क्षमता।

आत्मविश्वास व भाग्योदय

Confidence & Good Luck

भाग्य का संपूर्ण साथ व समाज में मान-प्रतिष्ठा।

शास्त्रोक्त विधान

काल सर्प दोष पूजा की 7 सोपान यात्रा

उज्जैन के पावन तट पर निम्नलिखित 7 पवित्र चरणों में पूजन संपन्न कराया जाता है:

01
Holy Sankalp

पवित्र संकल्प

यजमान के नाम, गोत्र व जन्मपत्रिका दोष शांति का स्पष्ट संकल्प।

02
Ganesh & Gauri Pujan

गणेश व गौरी पूजन

विघ्नहर्ता श्री गणेश जी व माता गौरी का आवाहन एवं पूजन।

03
Navgraha Shanti Pujan

नवग्रह शांति पूजन

सर्वतोभद्र मंडल पर नवग्रहों की शांति व दिशापाल पूजन।

04
Rahu-Ketu Mantra Jaap

राहु-केतु विशेष जाप

वैदिक आचार्यों द्वारा राहु व केतु के सिद्ध मंत्रों का सस्वर जाप।

05
Naag Devta Abhishek

नाग-नागिन पूजन

चांदी के नाग-नागिन जोड़े का पंचामृत, दूध व बेला पुष्प से अभिषेक।

06
Sacred Havan Yajna

कालसर्प शांतियज्ञ

विशेष औषधियों, गूगल व घी से हवन कुंड में आहुतियां अर्पण।

07
Purnahuti & Visarjan

पूर्णाहुति व क्षिप्रा विसर्जन

महाआरती, भस्म तिलक व पवित्र क्षिप्रा नदी में नाग प्रतिमा विसर्जन।

काल सर्प दोष शांति से मिलने वाले

दिव्य आशीर्वाद

उज्जैन धाम में नाग-नागिन पूजन व राहु-केतु शांति से जीवन में आठ अमोघ दिव्य आशीर्वाद प्राप्त होते हैं।

कार्य सिद्धि व प्रगति

निरंतर आ रही रुकावटें दूर होकर कार्यक्षेत्र में निर्विघ्न सफलता प्राप्त होती है।

करियर व पदोन्नति

व्यापार में रुका हुआ धन वापस मिलता है व नौकरी में पदोन्नति का मार्ग खुलता है।

शीघ्र विवाह व दांपत्य सुख

सप्तम भाव राहु-केतु दोष शांत होकर अनुकूल जीवनसाथी की प्राप्ति होती है।

अक्षय धन व संचय

अकारण धन हानि रुकती है व परिवार में स्थायी समृद्धि का आगमन होता है।

Kaal Sarp Dosh Ritual Ceremony

मानसिक शांति व निर्भयता

चित्त की अस्थिरता व दुःस्वप्न समाप्त होकर अचल मानसिक संतुलन प्राप्त होता है।

पूर्ण भाग्य उदय

राहु-केतु के पाश से मुक्ति पाकर भाग्य का पूरा सहयोग मिलने लगता है।

सकारात्मक वातावरण

घर व कार्यस्थल पर व्याप्त अदृश्य नकारात्मक ऊर्जा का पूर्ण नाश होता है।

नाग देव व शिव अनुग्रह

भगवान महाकाल व नाग देव का अमोघ अभय सुरक्षा कवच प्राप्त होता है।

सिद्ध तिथियां

काल सर्प दोष पूजा के लिए श्रेष्ठ मुहूर्त

यद्यपि उज्जैन धाम में किसी भी दिन पूजा संपन्न की जा सकती है, परंतु नागपंचमी, अमावस्या व श्रावण मास में पूजा करने से अत्यंत विशेष फल प्राप्त होता है।

व्यक्तिगत मुहूर्त परामर्श

आपकी जन्मपत्रिका के अनुसार कौन सी तिथि व चौघड़िया मुहूर्त सर्वोपरि रहेगा, इसका निर्णय आचार्य दीपक व्यास जी द्वारा नि:शुल्क किया जाता है।

वर्ष की परम सिद्ध तिथि

नागपंचमी (Nag Panchami)

नाग देव पूजन का सर्वश्रेष्ठ वार्षिक महापर्व, इस दिन पूजा अमोघ फल देती है।

शिव-नाग प्रिय मास

श्रावण मास (Shravan Month)

भगवान महाकाल का प्रिय महीना, इसमें की गई शांति पूजा शीघ्र असर करती है।

साप्ताहिक शुभ दिन

प्रत्येक सोमवार (Every Monday)

सोमवार को चंद्र व शिव पूजन के साथ कालसर्प शांति फलदायी मानी जाती है।

राहु-केतु शांति तिथि

अमावस्या तिथि (Amavasya)

अमावस्या के दिन राहु-केतु व पितृ दोष शांति का विशेष महात्म्य है।

दक्षिणा व पैकेज

काल सर्प दोष शांति पूजा दक्षिणा

सभी पूजा सामग्रियां, वेदपाठी ब्राह्मण दक्षिणा, चांदी का नाग-नागिन जोड़ा व प्रसाद इसमें सम्मिलित है:

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  • राहु-केतु मंत्र जाप विधान
  • चांदी के नाग-नागिन का पंचामृत अभिषेक
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