Basic
सामान्य भात पूजा
₹2,500
1 पंडित · श्री मंगलनाथ मंदिर उज्जैन
- संकल्प, गणेश व नवग्रह पूजन
- शिवलिंग पर भात (चावल) लेपन
- पंचामृत अभिषेक व आरती
- प्रसाद कूरियर सेवा
Mangal Dosh Nivaran & Bhaat Puja Ritual
विश्व में एकमात्र मंगल ग्रह के पावन उद्गम स्थल श्री मंगलनाथ मंदिर उज्जैन में शास्त्रोक्त भात (चावल) पूजा एवं मांगलिक दोष शांति अनुष्ठान। वैवाहिक बाधाओं, विवाह विलंब, क्रोधाधिक्य व दांपत्य जीवन के तनाव का अमोघ समाधान।

मंगलनाथ मंदिर में प्रामाणिक पूजन
प्रत्यक्ष एवं ऑनलाइन लाइव वीडियो संकल्प
स्थान (Location)
श्री मंगलनाथ मंदिर, उज्जैन (मंगल जन्मभूमि)
अवधि (Duration)
2 से 3 घंटे (संपूर्ण विधान)
पूजा विधान (Ritual)
भात पूजा + मांगलिक दोष शांति + हवन
ऑनलाइन संकल्प (Online)
प्रत्यक्ष एवं लाइव HD वीडियो प्रसारण
प्रधान आचार्य (Acharya)
100% योग्य वेदपाठी ब्राह्मण

मत्स्य पुराण व स्कंद पुराण के अवन्तिका खंडानुसार, उज्जैन की भूमि पर ही भगवान शिव के ललाट से गिरी पसीने की बूंद से मंगल देव का प्रादुर्भाव हुआ था। जब जन्मपत्रिका के 1, 4, 7, 8 अथवा 12वें भाव में मंगल स्थित होता है, तो इसे मांगलिक दोष कहते हैं।
अग्नि तत्व प्रधान ग्रह होने के कारण मंगल की तपन व उग्रता को शांत करने के लिए उज्जैन के श्री मंगलनाथ शिवलिंग पर पके हुए ठंडे चावलों (भात) का लेपन किया जाता है। भात शीतल होता है, जो मंगल ग्रह की उष्णता को शांत कर जीवन में वैवाहिक सुख प्रदान करता है।
"भूमिपुत्रो महातेजा जगतां भयनाशनः — मंगलनाथ धाम में भात पूजा करने से मंगल ग्रह का उग्र प्रभाव पूर्णतः शांत होकर मांगलिक दोष नष्ट होता है।"
— स्कन्द पुराण अवन्तिका खण्ड
उज्जैन मंगलनाथ मंदिर में भात पूजा से मिलने वाला त्वरित समाधान:
मंगल ग्रह की उग्रता शांत होकर अनुकूल वैवाहिक रिश्ता शीघ्र तय होता है।
मांगलिक बाधाएं समाप्त होकर रिश्ते में स्थायित्व व मांगलिक योग बनता है।
पति-पत्नी के मध्य आपसी समझ, विश्वास, मधुरता व सामंजस्य बढ़ता है।
अग्नि तत्व मंगल के नियंत्रित होने से स्वभाव में ठहराव व शांति आती है।
भूमिपुत्र मंगल की कृपा से अचल संपत्ति, गृह-निर्माण व उन्नति होती है।
प्रत्येक व्यक्ति की कुण्डली में मंगल दोष की स्थिति भिन्न होती है:
जब जन्मपत्रिका के 1, 4, 7, 8 अथवा 12वें भाव में मंगल बिना किसी शुभ ग्रह की दृष्टि के स्थित हो।
उपाय: उज्जैन में भात पूजा + 10,000 मंगल जाप व हवन अनिवार्य।
जब मंगल अशुभ भाव में हो किंतु उस पर गुरु (बृहस्पति) अथवा चंद्र ग्रह की शुभ दृष्टि हो।
उपाय: श्री मंगलनाथ मंदिर में साधारण भात पूजा व कुंकुम अर्चन।
जब स्वराशि (मेष/वृश्चिक) या उच्च राशि (मकर) में मंगल हो, या जीवनसाथी भी मांगलिक हो।
उपाय: सामान्य दर्शन व मंगल शांति पूजन पर्याप्त।
विवाह में मामूली विलंब या सामान्य बोलचाल का मतभेद।
अनुशंसित पूजा: 1-2 घंटे की भात पूजा से त्वरित लाभ।
रिश्ते बार-बार पक्के होकर टूटना व क्रोध की अधिकता।
अनुशंसित पूजा: विशेष भात पूजा + कुंकुम अर्चन व समिधा होम।
अत्यधिक वैवाहिक तनाव, दुर्घटना भय या गंभीर विलंब।
अनुशंसित पूजा: महामंगल अनुष्ठान + 10,000 जाप पाठ व महायज्ञ।
ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह को ऊर्जा, साहस, सेनापति व अचल संपत्ति का कारक माना गया है। मंगल दोष कोई अभिशाप नहीं, अपितु ग्रह की अति-उग्रता का संकेत है।
जब उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर में शिवलिंग पर भात (चावल) का लेपन किया जाता है, तो मंगल देव शांत होकर यजमान को निडरता, नेतृत्व क्षमता, उत्तम स्वास्थ्य व सुखी दांपत्य जीवन का वरदान प्रदान करते हैं।
समस्त ब्रह्मांड में केवल उज्जैन का मंगलनाथ मंदिर ही वह स्थान है जहाँ की गई भात पूजा का फल शत-प्रतिशत प्राप्त होता है।

उज्जैन मंगलनाथ धाम में निम्नलिखित 7 पावन सोपानों में पूजन संपन्न कराया जाता है:
यजमान के नाम, गोत्र व मांगलिक दोष शांति का स्पष्ट संकल्प।
प्रथम पूज्य श्री गणेश जी व माता गौरी का आवाहन एवं पूजन।
मंगल ग्रह सहित समस्त 9 ग्रहों की शांति हेतु कलश स्थापना।
वेदपाठी आचार्यों द्वारा वैदिक मंगल मंत्रों का सस्वर पाठ।
मंगलनाथ शिवलिंग पर पके हुए ठंडे चावल (भात) का शीतल लेपन।
लाल चंदन, समिधा, गूगल व देशी घी से हवन कुंड में आहुतियां।
महाआरती, कुंकुम-भस्म तिलक व पवित्र प्रसाद कूरियर सेवा।
मंगलनाथ मंदिर उज्जैन में भात पूजा व मंगल शांति से जीवन में आठ अमोघ दिव्य आशीर्वाद प्राप्त होते हैं।
विवाह में आ रही अकारण रुकावटें समाप्त होकर अनुकूल जीवनसाथी का योग बनता है।
पति-पत्नी के मध्य आपसी मतभेद व क्रोध समाप्त होकर प्रेम व मिठास आती है।
मंगल ग्रह का अग्नि तत्व शांत होकर स्वभाव में धैर्य, सौम्यता व शांति आती है।
भूमिपुत्र मंगल की कृपा से नया मकान, भूमि क्रय व संपत्ति वृद्धि होती है।

व्यापार में हानि रुकती है व नौकरी में रुकी हुई पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।
अकारण कर्ज का बोझ उतरता है व घर में धन-धान्य की स्थायी वृद्धि होती है।
रक्त संबंधी बीमारियाँ व शारीरिक अशक्तता दूर होकर उत्तम आरोग्य प्राप्त होता है।
मंगल ग्रह के पावन उद्गम स्थान से अटूट रक्षा कवच व आशीर्वाद प्राप्त होता है।
यद्यपि श्री मंगलनाथ मंदिर में प्रत्येक दिन भात पूजा का महात्म्य है, परंतु मंगलवार व मंगल जयन्ती पर की गई पूजा विशेष अमोघ मानी जाती है।
आपकी जन्मपत्रिका के अनुसार कौन सी तिथि व लग्न मुहूर्त सर्वोपरि रहेगा, इसका निर्णय आचार्य दीपक व्यास जी द्वारा नि:शुल्क किया जाता है।
मंगलवार को श्री मंगलनाथ मंदिर में भात पूजा अत्यंत त्वरित फलदायी होती है।
भगवान मंगल देव के प्राकट्य पर्व पर पूजा करने से अनंत गुना फल मिलता है।
अमृत व शुभ चौघड़िया बेला में भात पूजा मंगल दोष का समूल शमन करती है।
यजमान की जन्मपत्रिका देखकर आचार्य जी द्वारा व्यक्तिगत शुभ मुहूर्त बताया जाता है।
सभी पूजा सामग्रियां, वेदपाठी ब्राह्मण दक्षिणा, विशेष भात शृंगार व महाप्रसाद इसमें सम्मिलित है:
Basic
सामान्य भात पूजा
₹2,500
1 पंडित · श्री मंगलनाथ मंदिर उज्जैन
Standard
विशेष भात पूजा व हवन
₹4,500
2 पंडित · विशेष भात शृंगार + हवन
Premium
महामंगल शांति अनुष्ठान
₹8,500
4 पंडित · VVIP मंदिर व्यवस्था + महा शांति

जन्मपत्रिका के 1, 4, 7, 8 अथवा 12वें भाव में मंगल दोष की स्थिति तथा उसके निवारण हेतु कौन सी भात पूजा विधि सर्वोपरि रहेगी — इसका विश्लेषण आचार्य दीपक व्यास जी द्वारा नि:शुल्क किया जाता है।

Mahakaleshwar Abhishek Puja
उज्जैन महाकाल मंदिर में पंचामृत अभिषेक, जलाभिषेक एवं महारुद्र पाठ अनुष्ठान।

Mahamrityunjay Jaap & Havan
दीर्घायु, आरोग्य व असाध्य संकटों से रक्षा हेतु सवा लाख मंत्र जाप एवं महाहवन विधान।

Kaal Sarp Dosh Nivaran
उज्जैन क्षिप्रा तट पर राहु-केतु दोष व जीवन की रुकावटों को समाप्त करने की सिद्ध पूजा।
॥ शुभम् अस्तु ॥
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